अगर राहुल गांधी आज देते हैं अध्यक्ष पद से इस्तीफा तो कौन संभालेगा कांग्रेस की बागडोर

खास बातें सबसे बड़े संकट में कांग्रेस गांधी परिवार से अलग कौन क्या राहुल देंगे इस्तीफा सवाल इस बात का है इन सबके बीच अगर राहुल गांधी अगर कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हैं तो पार्टी की बागडोर कौन संभालेगा. सोनिया गांधी अपनी उम्र और सेहत के चलते दोबारा कमान शायद ही संभालें. प्रियंका गांधी वाड्रा इस चुनाव में बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुई हैं और उनको अध्यक्ष बनाना अच्छा संदेश नहीं जाएगा.

आज कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक है.

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी पुरानी पार्टी कांग्रेस के लिए आज बड़े इम्तिहान का दिन है. लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी के सामने नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया है. ऐसा सवाल जब भी पार्टी के सामने आया है हमेशा गांधी परिवार ने आगे बढ़कर कमान संभाली है. लेकिन इस बार सवाल गांधी परिवार को लेकर ही खड़ा हो गया है. बीते साल जब गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान ही राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था तो ऐसा लग रहा था कि वह पार्टी को ‘खोया गौरव’ वापस दिला देंगे. वह भाषणों में पीएम मोदी पर सीधे हमला कर रहे थे. केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना में कहीं कोई कन्फ्यूजन नहीं था. उसके बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस की सरकार बनी और ऐसा लगा कि राहुल गांधी ने इस बार लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी करने वाले हैं. लेकिन पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रणनीति को वह समझ नहीं सके. दरअसल यहां गलती सिर्फ राहुल गांधी की नहीं थी, उनके रणनीतिकार या सलाहकार भी अपना काम ठीक से नहीं कर पाए.गुजरात में भले ही कांग्रेस सरकार न बना पाई हो लेकिन वहां मिले समर्थन को भी कांग्रेस संभालकर नहीं रख पाई. इसके बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी सरकार बनाने के बाद कांग्रेस के पक्ष में बने माहौल को कांग्रेस बचाए न रख सकी है. दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री पद को लेकर काफी विवाद हुआ. इसके बाद पार्टी दो धड़ों में बंटती नजर आई. मध्य प्रदेश में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य के बीच मनमुटाव की खबरें थीं. वहीं राजस्थान में भी सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच सब कुछ ठीक नहीं था.

नाबालिग के साथ दुष्कर्म के प्रयास का अाराेपित दाेषी करार

मुजफ्फरपुर | नाबालिग के साथ दुष्कर्म के प्रयास में विशेष पाॅक्सो कोर्ट अाराेपी काे दाेषी करार दिया है। दाेषी करार…
मुजफ्फरपुर | नाबालिग के साथ दुष्कर्म के प्रयास में विशेष पाॅक्सो कोर्ट अाराेपी काे दाेषी करार दिया है। दाेषी करार दिए गए मनियायी थाना क्षेत्र के पकाही निवासी सुजीत कुमार 30 दिसंबर 2017 से जेल की सलाखाें में बंद है। सजा के बिंदु पर काेर्ट 28 काे सुनवाई करेगा। मनियारी पुलिस ने सुजीत के विरुद्ध 15 मार्च 2018 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मनियारी थाना क्षेत्र के गांव में उस समय दुष्कर्म का प्रयास किया गया, जब वह घर में अकेली थी। पीड़िता की मां के बयान पर मनियारी पुलिस ने थाना क्षेत्र के पकाही निवासी सुजीत कुमार के विरुद्ध मामला दर्ज किया। लड़की की मां ने पुलिस काे बताया कि उस वक्त उनकी 12 वर्षीय बच्ची घर में अकेली थी। बच्ची को अकेला पाकर जबरन दुष्कर्म का प्रयास करने लगा। बच्ची के चिल्लाने पर लोग जुटे अाैर उसे अाराेपित के चंगुल से छुड़ाया। सुजीत को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले किया।

सूरत / कोचिंग सेंटर में आग से 15 छात्रों समेत 19 की मौत, 13 बच्चे जान बचाने के लिए चौथी मंजिल से कूदे

  • सूरत के तक्षशिला कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर आग लगी थी
  • चश्मदीदों का आरोप- हादसे के आधे घंटे बाद पहुंचीं दमकल, जरूरी उपकरण भी नहीं थे

सूरत. शहर के तक्षशिला कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को आग लगने से 15 छात्रों समेत 19 की मौत हो गई। इमारत चार मंजिला है और इसकी दूसरी मंजिल पर आग लगी। हादसे के वक्त दूसरी मंजिल पर डिजाइनिंग की कोचिंग चल रही थी। जान बचाने के लिए 13 बच्चे चौथी मंजिल से कूद गए। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

इमारत से कूदने से 4 छात्रों मौत
हादसे के फुटेज भी सामने आए हैं। वीडियो में कई छात्र चौथी मंजिल से कूदते दिखाई दे रहे हैं। एक व्यक्ति ने 2 छात्राओं को बचाने की भी कोशिश की। 4 की मौत इमारत से कूदने की वजह से हुई।

ऊपरी मंजिल तक नहीं पहुंच पाईं दमकल की सीढ़ियां
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियां आग लगने के आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। लेकिन, उस वक्त उनके पास जरूरी उपकरण नहीं थे, जिनके जरिए आग में फंसे बच्चों को बाहर निकाला जा सके। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जिस वक्त बच्चे इमारत से छलांग लगा रहे थे, उस वक्त दमकल सामने खड़ी थीं। लेकिन, उनकी सीढ़ियां ऊपरी मंजिल तक नहीं पहुंच पाईं।

सीएम ने हादसे की रिपोर्ट मांगी
गुजरात के सीएम मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने हादसे पर दुख जाहिर किया। उन्होंने बच्चों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया और कहा कि एक दिन के भीतर हादसे की जांच रिपोर्ट पेश की जाए।रुपाणी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात की है। नड्डा ने एम्स ट्रामा सेंटर के निदेश को हर मदद के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली एम्स में भी डॉक्टरों की एक टीम को अलर्ट रखा गया है।

इस बार 27 मुस्लिम सांसद पहुंचे सदन, आजादी से आजतक सबसे बड़ी संख्या


नई दिल्ली: 2019 के लोकसभा चुनावों के नतीजे लगभग आचुके हैं,जिसमें भारतीय जनता पार्टी पर देश की जनता ने भरोसा जताया है और प्रचण्ड बहुमत के साथ एक बार फिर मोदी सरकार बनने जारही है।

इस बार लोकसभा में मुस्लिम नुमाइंदगी में बढ़ोतरी हुई है,और पिछेल 2014 के मुकाबले इनकी संख्या में बढतोरी हुई है,इसके पीछे एक कारण उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्रा में मुस्लिम साँसद का चुनाव जीतना है।

देखिए मुस्लिम जीतने वाले सांसदों की पूरी लिस्ट

  1. अब्दुल ख़ालिक़ :बारपेटा असम -काँग्रेस
  2. बदरुद्दीन अजमल:धुबरी असम -AIUDF
  3. चौधरी महबूब अली कैसर: खगड़िया बिहार-लोजपा
  4. डॉक्टर मोहम्मद जावेद: किशनगंज बिहार,काँग्रेस
  5. हसनैन मसूदी : अनन्तनाग जम्मू कश्मीर,JKNC
  6. मोहम्मद अकबर लोन :बारामुला जम्मू कश्मीर(JKNC)
  7. फारूक अब्दुल्लाह: श्रीनगर,जम्मू कश्मीर (JKNC)
  8. एडवोकेट मोहम्मद आरिफ : अलप्पुझा,केरला CPI-M
  9. पी.के. कुन्हालीकुट्टी: मल्लपुरम,केरल(IUML)
  10. ई.टी. मोहम्मद बशीर: पोन्नानी,केरल(IUML)
  11. मोहम्मद फैजल पीपी : लक्षदीप. NCP
  12. सैयद इम्तियाज़ जलील: औरंगाबाद,महाराष्ट्र (AIMIM)
  13. मोहम्मद सादिक,फरीदकोट,पंजाब(आईएनसी)
  14. के.नवास कानी : रामनाथपुरम, तमिलनाडु (IUML)
  15. असदउद्दीन ओवैसी : हैदराबाद – AIMIM
  16. कुंवर दानिश अली : अमरोहा,यूपी (बसपा)
  17. अफ़ज़ल अंसारी : गाजीपुर,यूपी (BSP)
  18. डॉ एस.टी. हसन : मुरादाबाद(एसपी)
  19. मोहम्मद आज़म खान: रामपुर,यूपी (सपा)
  20. हाजी फजलुर रहमान : सहारनपुर, यूपी (बसपा)
  21. डॉ.शफीकुर रहमान बर्क: सँभल (एसपी)
  22. आपरूपा पोद्दार(आफरीन अली) आरामबाग -वेस्ट बंगाल (AITC)
  23. नुसरत जहाँ रूही : बशीरहाट,वेस्ट बंगाल(AITC)
  24. खलीलुर रहमान: जंगीपुर वेस्ट बंगाल (AITC)
  25. अबू हसीम खान चौधरी: मालदा दक्षिण (आईएनसी)
  26. अबू ताहिर खान: मुर्शिदाबाद, वेस्ट बंगाल (AITC)
  27. सजदा अहमद : उलुबेरिया,वेस्ट बंगाल (AITC)

दोनों सीटों से हारे उपेंद्र कुशवाहा, बिहार की सड़कों पर खून बहने की बात कही थी

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा अपनी दोनों सीटों से चुनाव हार गए हैं. काराकाट में उन्हें जेडीयू के महाबली सिंह ने तो उजियारपुर में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने उन्हें मात दी है. बता दें कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से एक महीने पहले ही उन्होंने एनडीए छोड़ महागठबंधन का हिस्सा बन गए थे. हालांकि उनकी ये सियासी चाल कामयाब नहीं हो पाई.

बता दें कि हाल में ही उपेनद्र कुशवाहा ने उलटे नतीजे आने के बाद बिहार की सड़कों पर खून बहने की बात कही थी. हालांकि आज उन्होंने जनादेश का सम्मान करने की बात कही है.

गौरतलब है कि बिहार में एनडीए भारी जीत की ओर बढ़ रही है. पीएम मोदी की अगुआई में एनडीए 40 में से 38 सीटों पर या तो जीत चुका है या फिर वह आगे है. गिरिराज सिंह ने तो बेगूसराय में बड़ा अंतर बना लिया है.

वहीं सारण सीट से लालू प्रसाद यादव के समधी चंद्रिका राय की हार हुई है. सारण सीट से उन्हें बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी ने करीब एक लाख 30 हजार से अधिक मतों से हराया है.

8 वजहें, आखिर क्यों महिलाओं के लिए अच्छा है हस्तमैथुन, जानें लाइफस्टाइल कोच लुक कुटिनो से

सेक्स की कमी, साथी के साथ खराब रिश्ते और आत्मविश्वास की कमी कुछ ऐसे मुद्दे हैं जो महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण हैं. लाइफस्टाइल कोच लुक कुटिनो (Luke Coutinho) के अनुसार एक महिला जिसके जीवन में इन तीन चीजों की कमी हो अपने बारे में अच्छा नहीं सोच पाती है. इससे वजन बढ़ने तो कभी कभी तेजी से वजन कम होने जैसी समस्याएं हो जाती हैं. हाल ही में अपनी फेसबुक पोस्ट में उन्होंने महिलाओं में हस्तमैथुन की भूमिका और उसके स्वास्थ्य फायदों के बारे में बताया. उनके अनुसार यौन रूप से संतुष्ट होने या न होने का किसी भी व्यक्ति की सेहत पर प्रभाव पड़ता है.

अपनी एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ज्यादातर महिलाएं सेक्स के बारे में बात करने से कतराती हैं. वे अपने सेक्शुअल अनुभव और परेशानियों के बारे में बात करने में संकोच करती हैं. ऐसी हजारों महिलाएं हैं, जो अपनी सेक्शुअल प्रोब्लम्स के साथ बस चलती जा रही हैं और उसके बारे में बात तक नहीं करतीं.

सेक्स लाइफ (Sex Life) या यौन जीवन में संतोष नहीं मिलने के चलते भावनात्मक और शारीरिक रूप से बीमार महसूस किया जा सकता है. तो ऐसे में हस्तमैथुन एक अच्छा विकल्प हो सकता है, खुद को संतुष्ट करने का.

क्यों हस्तमैथुन अहम है महिलाओं के लिए – Why is masturbation important for women?

लाइफस्टाइल कोच के मुताबिक हस्तमैथुन एक प्राकृतिक, खुशहाल और सामान्य क्रिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यौन और इससे मिलने वाली संतुष्टि हर किसी के लिए सामान्य और जरूरी है. इसमें महिलाएं भी बराबर सहभागी हैं. तो चलिए एक नजर में देखते हैं हस्तमैथुन के फायदों के बारे में –

1. हस्तमैथुन (Masturbation) सेक्शुअल टेंशन को दूर करने का एक अच्छा विकल्प है.

2. एक ओर जहां यौन जीवन या इंटरकोर्स आदर से भरा, खूबसूरत और संपूर्णता से भरा अनुभव होता है, वहीं हस्तमैथुन उन लोगों के लिए प्लेजर पाने का साधन हो सकता है जो यौन जीवन में इन सभी बातों से दूर हैं.

3. हस्तमैथुन (Masturbation) महिलाओं को चरमोत्कर्ष यानी ऑर्गेज्म (Orgasm) पाने में मददगार है. ऑर्गेज्म पाने से मूड सही रहता है.

4. इसके साथ ही हस्तमैथुन (Masturbation) लोगों को डिप्रेशन से भी बचा सकता है. यौन जीवन में तनाव और असंतुष्टि डिप्रेशन को बढ़ावा दे सकती है.

5. हस्तमैथुन या मास्टरबेशन (Masturbation) महिलाओं में नींद से जुड़ी परेशानियों को भी दूर कर सकता है. ऑक्सीटोसिन दिमाग और शरीर को रिलेक्स करने में मददगार है और साथ ही यह गहरी नींद लाने का काम भी कर सकता है.

6. मासिक धर्म या पीरियड्स साइकिल में परेशानी का सामना करने वाली महिलाओं के लिए भी हस्तमैथुन फायदेमंद साबित हो सकता है. खुद को संतुष्टि मिलने या ऑर्गेज्म से गर्भाशय संकुचन होता है जो मासिक धर्म के दौरान ब्लड सरकुलेशन और क्रैम्प या पीरियड के दौरान होने वाले दर्द से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है.

7. खुद को संतुष्ट करने की यह क्रिया आपको अपनी बॉडी से प्रेम करना सिखा सकती है. इससे आप अधिक आत्मविश्वास महसूस कर सकते हैं और अपने शरीर के साथ सहज होते हैं.

8. हस्तमैथुन क्रिया का एक और फायदा यह है कि इस दौरान ऑर्गेज्म से होने वाले मसल कॉन्ट्रेक्शन पेल्विक फलोर और मसल्स को मजबूत बनाते हैं.

इससे आपके हार्ट रेट बढ़ते हैं, त्वचा और ज्यादा चमकदार होती है और कई बार यौन अंगों में रक्त प्रवाह बढ़ने से सूजन भी आ सकती है. ऑर्गेजम के दौरान वजाइना के मसल्स, गर्भाशय और गूदा की मसल्स रिलेक्स होती हैं.

इस सभी बातों के पीछे एक ही बात है, वह यह कि अगर आप अपनी इस क्रिया को लेकर शर्मिंदा हैं या कुछ गलत सोचते हैं तो आज से ही बुरा सोचना छोड़ दें. यह आपकी सेहत को फायदे देती है. सेक्शुअल हेल्थ का ध्यान रखना आपकी पूरी सेहत के लिए अच्छा साबित होगा.

सेक्स लाइफ: औरतों के मुकाबले मर्दों में तीन गुना ज्यादा होती है यह चीज

महिला के मुकाबले पुरुष में सेक्स के लिए पहल करने की प्रवृत्ति तीन गुनी अधिक होती है. यह बात हालिया शोध में कही गई है. यह शोध लंबे समय के लिए पुरुष-महिला यौन संबंध पर आधारित है. शोध के अनुसार, दीर्घकालीन अवधि में लगातार संभोग करने के मामले में कारकों की अहम भूमिका होती है.

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जरनल इवोलुसनरी बिहेवियरल साइंसेस में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, संभोग में कई फैक्टर महत्व रखते हैं. जैसे लोग अपने रिश्ते में कितने खुश हैं. वह अपने साथी के साथ कितना जुड़ाव महसूस करते हैं और वह एक दूसरे से कितना प्यार और कितना विश्वास जताते हैं. नार्वे की यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एनटीएनयू) से ट्रोंड विगो ग्रोंटवे का कहना है कि रिश्ते में जोश व जज्बा होना काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है. उन्होंने कहा कि जज्बा ही सभी फैक्टर में सबसे अहम भूमिका निभाता है

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इस स्टडी में 19 से 30 उम्र के ऐसे 92 जोड़े शामिल किए गए थे, जोकि एक महीने से लेकर नौ वर्षो तक एक साथ थे. इन जोड़ों ने एक सप्ताह में औसत दो से तीन बार संभोग किया. जितनी लंबा रिश्ता रहा, इन जोड़ों ने उतना ही कम संभोग किया.

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एनटीएनयू के एसोसिएट प्रोफेसर मोंस बेनडिक्सन ने कहा कि स्टडी में साबित हुआ कि दूसरों के प्रति इच्छा जज्बे को कम करती है. उन्होंने कहा कि अपने साथी के अपेक्षाकृत दूसरों के साथ संभोग की अधिक इच्छा भी रिश्ते में जज्बे को कम करती है. (इनपुट – आईएएनएस)

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सनी देओल बोले- ढाई किलो का हाथ और हुआ भारी, विजयी शुरुआत से शुरू हुआ सियासी करियर

पंजाब के गुरदासपुर लोकसभा सीट सनी देओल जीत चुके हैं। रुपहले परदे के बाद अब उनका सियासी करियर शुरू हुआ है।…

गुरदासपुर,भाजपा के प्रत्‍याशी और बॉलीवुड स्‍टार सनी देयाेल लोकसभा चुनाव में 82459 मतों के साथ चुनाव जीत चुके हैं। सनी देओल ने कहा कि बहुत खुश हूं। जनता ने ढाई किलो के हाथ को और भारी कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हक में जनता के समर्थन से खुश हूं। भाजपा कार्यकर्ता जश्‍न मना रहे हैं।

गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र में सनी का ढाई किलो का हाथ कांग्रेस पर भारी पड़ा है। इस सीट से जीत दर्ज कर बॉलीवुड स्‍टार सनी देओल अपने सियासी करियर की विजयी शुरुआत की है। भाजपा प्रत्‍याशी सनी ने कांग्रेस के दिग्‍गज नेता सुनील जाखड़ को हरा दिया है। सुनील जाखड़ पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष हैं और पिछले साल इस सीट के लिए हुए उपचुनाव में जाखड़ भारी मतों से विजयी हुए थे, लेकिन सनी देओल की फिल्‍मी चमक में वह फीके पड़ गए हैं।

गुरदासपुर में जश्‍न मनाते भाजपा समर्थक।

सनी देओल की इस जीत से भाजपा ने अपने गढ़ पर फिर कब्‍जा कर लिया है। इसके साथ ही सनी ने मरहूम विनोद खन्ना की गुरदासपुर की विरासत को संभाल लिया है। सनी लोकसभा चुनाव के समय ही भाजपा में शामिल हुए थे और पार्टी ने उनको गुरदासपुर से प्रत्‍याशी बनाया था।बॉर्डर और गदर जैसी फिल्‍मों के ज‍रिये युवाओं में लोकप्रिय सनी देओल राजनीति में एकदम नए खिलाड़ी हैं।

गुरदासपुर में चुनाव के दौरान सनी देओल के पिता धर्मेंद्र भी प्रचार के लिए पहुंचे थे। चुनाव प्रचार में सनी देओल ने साफ कहा कि मुझे राजनीति नहीं आती, लेकिन लोगों का दुख-दर्द पता है। उसे दूर करूंगा। माना जाता है सनी के स्‍टारडम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हवा के संग यह बात भी लोगों पर असर कर गई।

पठानकोट में जश्‍न मनाते भाजपा कार्यकर्ता।

दूसरी ओर, पंजाब के सबसे हाॅट सीट माने जाने वाले गुरदासपुर में सुनील जाखड़ के पीछे रहने से कांग्रेस को राज्‍य में बड़ा धक्‍का लगा है। जाखड़ सनी देओल के स्टारडम को तोड़ नहीं पाए। कांग्रेस के लिए यह इसलिए भी परेशानी वाली है कि गुरदासपुर लोकसभा सीट के तहत आते नौ विधानसभा क्षेत्रों में से कांग्रेस का सात पर 7 कब्‍जा है। इनमें से तीन कैबिनेट मंत्री हैं। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रधान व राज्य सभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा का भी यह गृह नगर है। विनोद खन्ना का स्वर्गवास होने के बाद 2017 में हुए उप चुनाव में सुनील जाखड़ ने 1.93 लाख वोटों से जीत कर भाजपा से यह सीट छीनी थी।

गुरदासपुर सीट से सनी देओल के चुनाव मैदान में आने के साथ ही यह सीट पूरे देश में सर्वाधिक चर्चा का केंद्र बन गई थी। कांग्रेस के सामने इस सीट पर दो सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियां थी। एक तो भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही थी, जबकि फिल्मों में सनी देओल की छवि भी बहादुर व राष्ट्रवादी की है। अंत तक कांग्रेस सनी देओल की इस छवि को तोड़ नहीं पाई। शर्मीले स्वभाव के सनी देओल ने पूरे चुनाव में न सिर्फ अपनी बात को रखा साथ ही उन्होंने जाखड़ पर कोई भी व्यक्तिगत हमला नहीं किया। कमोबेश जाखड़ ने भी पूरे चुनाव के दौरान सनी देओल पर कोई सीधा हमला नहीं किया।

सनी देओल की जीत इस लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि 1998 में भाजपा ने जो प्रयोग किया था वही प्रयोग 2019 में भी दोहराया और जिसमें पार्टी की सफलता मिली। 1998 में भाजपा ने कांग्रेस की कद्दावर नेता सुखवंश कौर भिंडर के खिलाफ फिल्म स्टार विनोद खन्ना को चुनाव मैदान में उतारा था। विनोद खन्ना महज 6,823 वोटों से इस सीट को जीतने में कामयाब रहे थे। जिसके बाद विनोद खन्ना चार बार गुरदासपुर से जीत कर सांसद बने। विनोद खन्ना की इसी विरासत को अब सनी देओल ने संभाल लिया है।

पूर्व स्पीकर स्वर्गीय बलराम जाखड़ के पुत्र सुनील जाखड़ अपने राजनीतिक करियर का तीसरा लोक सभा चुनाव हारे हैं। इससे पहले वह 1996 में फिरोजपुर से बहुजन समाज पार्टी के मोहन सिंह फलियांवाला से हार गए थे। 2014 में जब पूरे देश में मोदी की लहर चल रही थी तब राहुल गांधी ने पंजाब में सभी कद्दावर नेता को चुनाव मैदान में उतार दिया था। विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष रहने वाले जाखड़ फिरोजपुर से शेर सिंह घुबाया से चुनाव हार गए थे।

2017 के विधान सभा चुनाव में जब पंजाब में कांग्रेस की लहर थी और कांग्रेस 117 सीटों में से 77 सीटों पर जीती, इसके बावजूद जाखड़ अबोहर से चुनाव हार गए। हालांकि, बाद में विनोद खन्ना के निधन के बाद गुरदासपुर के उपचुनाव में जाखड़ ने भारी मतों से जीत हासिल की थी।

सामूहिक दुष्कर्म मामले में चार युवकों को 20-20 साल कारावास की सजा, देना होगा जुर्माना

जिले के कटरा में चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म कर बनाया था वीडियो क्लीप। चारों को 15-15 हजार जुर्माना भी देना होगा। तीन पंचों को भी छह-छह माह कारावास की सजा। …

मुजफ्फरपुर, जिले के कटरा में सामूहिक दुष्कर्म मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने चार दोषियों को 20-20 साल कारावास की सजा सुनाई है। चारों को 15-15 हजार जुर्माना भी देना होगा। तीन पंचों को छह-छह माह की सजा सुनाई गई है। सजा पाने वालों में अनीष कुमार, रोशन कुमार, गगन कुमार व सचिन कुमार शामिल है। ये सभी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे।

पंचों में सौरभ, रवि शेखर व वीर विक्रम शामिल है। ये तीनों जमानत पर हैं। मामले के सत्र विचारण के बाद विशेष पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश आरपी तिवारी ने यह सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो नरेंद्र कुमार ने 11 गवाहों को पेश किया। बचाव पक्ष की ओर से छह गवाहों की विशेष कोर्ट में गवाही कराई गई।

यह है मामला

घटना 28 सितंबर 2017 की रात की है। कटरा थाना क्षेत्र के एक गांव में दशहरा मेला से एक किशोरी अपनी भाभी के गांव आ रही थी। उसके पीछे चार लड़के लग गए। कुछ दूर आगे जाने के बाद चारों ने उसे पकड़ लिया। किसी तरह वह उसके चंगुल से निकल कर पास ही एक मार्शल गाड़ी वाले के दरवाजे पर पहुंची। चारों वहां भी पहुंच गया और उसे घर पहुंचाने की बात करने लगा। उसने मार्शल गाड़ी के बुजुर्ग चालक के साथ जाने की इच्छा जताई। इस पर गाड़ी चालक उसकी भाभी को बुलाने चला गया।

मौका पाकर चारों उसे उठा कर गांव से बाहर ले गया। उसमें से दो ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दो युवकों ने मोबाइल से इसका वीडियो तैयार किया। किसी तरह वह अपनी भाभी के घर आई। दो दिनों तक वह भय से कुछ नहीं बोली। 30 सितंबर को उसने भाभी व उसकी मां को सारी बात बताई। उस रात में उसकी भाभी की मां उसे मेला में ले गई और वहां कई लोगों को इसकी जानकारी दी।

संदेह के आधार पर चार युवकों को पकड़ा गया। जिसे किशोरी ने पहचान लिया। इसके बाद अगले दिन पंचायती बैठी जिसमें उपरोक्त तीनों पंचों ने किशोरी के परिवार को उजाड़ देने की बात कही। साथ ही इस मामले में प्राथमिकी नहीं करने की भी धमकी दी थी।

दर्दनाक हादसा: 32 घंटे बाद जिंदगी की जंग हार गई आंचल, अब तक पांच दोस्तों की मौत

बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में घायल हुई शारदा यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज नोएडा की छात्रा आंचल राणा 32 घंटे बाद जिंदगी की जंग हार गई। दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में उसने अंतिम सांस ली।

वहीं छात्रा की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। अब हादसे में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है।

चांदीनगर थाना क्षेत्र के शरफाबाद गांव के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार की सुबह पौने आठ बजे के लगभग तेज रफ्तार कर सड़क पर खड़े कैंटर से टकरा गई थी। सड़क दुर्घटना में कार सवार शारदा यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज नोएडा से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्र अभिषेक सोनी, कांत ढींगरा, मोहम्मद शोएब और छात्रा करिश्मा छाबड़ा की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि छात्रा आंचल राणा पुत्री बिजेंद्र राणा निवासी आशियाना फेस-1 मुरादाबाद गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली में भर्ती कराया गया।

बुधवार को शाम चार बजे के लगभग छात्रा ने दम तोड़ दिया। 32 घंटे बाद वह जिंदगी की जंग हार आई। छात्रा के पिता बिजेंद्र राणा जनपद रामपुर में डीसीआरबी में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। छात्रा की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा गया। सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है।

एएसपी रण विजय सिंह ने बताया कि पुलिस छात्रा के परिजनों से संपर्क करने में जुटी हुई है। अभी तक परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है।